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  • Category: General Updates

    क्या उत्तर प्रदेश का विधान सभा चुनाब भी परिवार बाद का एक नजारा बन कर रह जाएगा !

    भारत मैं राजनैतिक इतिहास परिवार बाद के उदाहरणों से भरा पड़ा है सबसे पहले नायर परिवार ने बैदिक युग से लेकर १८ वीं शताब्दी तक दक्षणी भारतीय राज्य केरला मैं शासन किया ! अभी तक ३५ परिवार भारत पर शासन कर चुके हैं जिनमें से नेहरु गांधी परिवार राजनितिक रूप से सबसे शक्तिशाली परिवार साबित हुई है ! हम अपने आपको कितना भी समझाने की कोशिश करें की परिवार बाद अब हमारे देश मैं गुजरे जमाने की बात हो गयी है परन्तु हमारा इतिहास हमें बताता है की २००० सालों से परिवार बाद हमारे देश के नेताओं के रक्त मैं घुल चुका है !उत्तर प्रदेश की सभी पार्टियां जैसे बीजेपी ,कांग्रेस ,समाजबादी पार्टी ,बहुजन समाज पार्टी तथा अजित सिंह की राष्ट्रिय लोक दल मैं परिवार बाद की संस्कृति की जडें बहुत गहरी हैं परन्तु चुनाब से पहले ये सभी इसकी आलोचना करना नहीं भूलते.
    परिवार बाद का मुख्य स्वरुप जब दिखाई देता है जब पार्टी का एक सामान्य कार्यकर्ता जो पांच सालों तक पार्टी का गली गली प्रचार करता है ,पुलिस के डंडे खाता है लेकिन टिकिट देने के समय उसको दरकिनार कर पार्टी के बड़े नेताओं की पत्नियों ,बेटा-बेटियों ,भाई-बहिनों,भतीजे-भतीजियों को टिकिट दे दिया जाता है और कार्यकर्त्ता मुंह ताकता रह जाता है ! सरकारी नौकरियों मैं तो भी आरक्षण नियमानुसार दिया जाता है परन्तु राजनीती मैं टिकिट बंटबारे मैं कोई भी नियम लागू नहीं होता है !
    कई नेता जो अपनी पार्टी के लम्बे समय से कार्य कर्ता भी हैं तथा पार्टी के मुख्य आन्दोलनों से जुड़े रहे हैं भी टिकिट पाने से मरहूम रह जाते हैं ऐसे ही एक बीजेपी के कार्यकर्ता हैं अमित पूरी जो पार्टी के निष्ठाबान कार्यकर्ता भी हैं तथा राम मंदिर आन्दोलन से भी जुड़े रहे हैं को पार्टी ने टिकिट न देकर पार्टी के बरिष्ठ सांसद श्री लाल जी टंडन के बेटे गोपाल टंडन को टिकिट दे दिया! कई नेता तो अपने पुरे परिवार को टिकिट दिलाने में कामयाब हो गए जैसे बीजेपी के आजमगढ़ से सांसद श्री रमाकांत यादव अपने बेटे ,पत्नी ,के अलाबा अपने कई समर्थकों को टिकिट दिलाने मैं कामयाब रहे हैं ! केबल बीजेपी ही नहीं लगभग सभी पार्टियाँ इसी रोग से ग्रसित नज़र आती हैं !
  • #1377
    परिवार वाद नहीं आज की जनता जागरूक है. और वोह अब विकास और समृध्धि को महत्व देती है .

    जो सर्कार कम नहीं करेगी वोह गिर जाएगी चाहे वोह कांग्रेस हो बीजेपी हो सपा या फीर बसपा हो.


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