कहीं खेला गया मुस्लिम कार्ड का दांव उल्टा ना पड़ जाये

पिछले दिनों केंद्रीय कानून मंत्री श्री सलमान खुर्शीद फर्रुक्खाबाद मैं एक जन सभा को संबोधित करते हुए अल्प्संख्यंकों को ९ प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की जिससे अगले ही दिन कांग्रेस आलाकमान द्वारा उनकी निजी राय बताकर मुकर गयी ! पहले तो श्री खुर्शीद राजनीती के इतने चतुर खिलाडी नजर नहीं आते हैं जो उनके दिमाग मैं यह ९ प्रतिशत का आंकड़ा आ पाता !
उनकी इस घोषणा के दो स्पस्टीकरण हो सकते हैं ! पहला बह जिसकी संभावनाएं कम ही नजर आती है यह है की कानून मंत्री ने अपने स्वभाव के बिपरीत अधीरता दिखाते हुए घोषणा कर दी या दुसरे शब्दों मैं कांग्रेस अल्पसंख्यकों को नौकरियों मैं ९ प्रतिशत आरक्षण को उत्तर प्रदेश के अपने चुनाबी घोषणापत्र मैं शामिल करने का फैसला कर चुकी थी खुर्शीद ने तो इसकी केवल घोषणा कर दी !दुसरा स्पस्टीकरण यह हो सकता है की कांग्रेस ने जानबूझकर खुर्शीद से इस घोषणा करने को कहा जिससे इस मुद्दे पर लोगों की प्रतिक्रिया जानी जा सके क्योंकि पार्टी का एक धडा इस प्रस्ताव का समर्थन कर रहा था !